
बिहार में चुनाव आयोग (Election Commission of Bihar) ने रविवार रात एक बड़ा कदम उठाया। सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court of India) के निर्देश के बाद, आयोग ने उन 65 लाख मतदाताओं की सूची अपनी वेबसाइट पर जारी कर दी है, जिन्हें स्पेशल इंटेंसिव रिवीज़न (SIR) की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में शामिल नहीं किया गया था।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश क्या था?
14 अगस्त को सुनवाई के दौरान, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने कहा कि:
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जिन मतदाताओं को ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर रखा गया है, उनकी बूथवार लिस्ट जारी की जाए।
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हर मतदाता अपने नाम की स्थिति को ईपीआईसी (EPIC) नंबर से सर्च कर सके।
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जिनका नाम नहीं जोड़ा गया, उनका कारण स्पष्ट तौर पर बताया जाए।
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SSR (Special Summary Revision) प्रक्रिया में आधार कार्ड को ज़रूरी दस्तावेज़ के रूप में शामिल किया जाए।
कहाँ देख सकते हैं वोटर लिस्ट?
चुनाव आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर ये लिस्ट अपलोड कर दी गई है। वोटर अब अपने EPIC नंबर या नाम के ज़रिए जांच सकते हैं कि उनका नाम लिस्ट में क्यों नहीं था और अब जोड़ा गया है या नहीं।

19 अगस्त की डेडलाइन
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी आदेश दिया था कि यह लिस्ट 19 अगस्त शाम 5 बजे तक प्रकाशित कर दी जाए, जिस पर आयोग ने समय से पहले ही कार्रवाई कर दी।
वोटर के अधिकारों की जीत
यह कदम डेमोक्रेसी और पारदर्शिता के लिए एक बड़ी जीत माना जा रहा है। चुनाव आयोग की इस पहल से अब लाखों मतदाता सही तरीके से अपने अधिकार का प्रयोग कर सकेंगे।
आप क्या कर सकते हैं?
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तुरंत EPIC नंबर से अपनी डिटेल चेक करें
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अगर कोई गलती है, तो सुधार के लिए आवेदन करें
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SSR प्रक्रिया की अपडेट्स पर नज़र रखें
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